बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पूछे 5 सवाल

जैसे-जैसे बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, प्रदेश की सियासत में गर्माहट भी बढ़ रही है। ताजा मामला प्रशांत किशोर का है, जो पिछले महीने यानी 29 जनवरी को जनता दल-यूनाइटेड (JDU) से निकाले जाने के बाद मंगलवार को पटना पहुंचे। चुनाव रणनीतिकार के रूप में पहचाने जाने वाले प्रशांत किशोर ने बिहार में चुनाव की आहट के बीच कहा भी कि वो पॉलीटिकल-वर्कर बनकर आए हैं और लंबे समय तक रहेंगे। मीडिया के साथ बातचीत में उन्होंने नीतीश को निशाने पर रखते हुए कई सवाल दागे। जैसी उम्मीद थी कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद बने देशव्यापी हालात के बीच जदयू से निकाले गए प्रशांत किशोर गरजेंगे, वो खूब गरजे और बरसे।

नीतिश कुमार से प्रशांत किशोर के 5 सवाल

1. एक तरफ आप गांधी की बात करते हैं। पूरे बिहार में गांधी की कही बातों का शिलापट्ट लगाते हैं, तो फिर गोडसे के साथ खड़े हुए लोग या उसकी विचारधारा के समर्थक लोगों के साथ कैसे खड़े हैं, ये दोनों बात समझ में नहीं आती है। दोनों बातें एक साथ नहीं हो सकतीं।

2. बिहार विकास के कई मानकों पर आज भी दूसरे राज्यों के मुकाबले काफी पिछड़ा हुआ है। नीतीश कुमार ने बिहार में साइकिल और पोशाक बांटी, लेकिन बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता नहीं सुधरी। नीतीश कुमार बोलते हैं कि हर घर में बिजली पहुंच गई है, लेकिन उपयोग बिहार में सबसे कम है, क्योंकि लोग गरीब हैं।

3. नीतीश जी कहते हैं, ‘राजनीति में थोड़ा कम्प्रोमाइज करना पड़ता है, लेकिन अगर बिहार का विकास हो रहा है तो झुकने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन क्या बिहार में विकास हो गया है? क्या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला? पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा तक नहीं मिला। बिहार का विकास हुआ है ये मानता हूं, लेकिन विकास की गति और आयाम ऐसे नहीं हैं, जिससे लगे कि बिहार में आमूलचूल परिवर्तन हुआ हो।

4. गवर्नेंस पर कोई बोलने वाला है नहीं यहां। नीतीश जी का मानना है कि पिछली सरकारों में कुछ नहीं हुआ, इसलिए जो थोड़ा-बहुत कर रहा हूं, वही बहुत है। इस सोच को बदलना होगा। नीतीश कुमार यही कह रहे हैं कि बिहार में आप पिछली सरकार से अपनी तुलना करें, लेकिन वे बिहार की तुलना देश के दूसरे राज्यों से क्यों नहीं कर रहे हैं। बिहार के लोग जानना चाहते हैं कि पिछली सरकारों के मुकाबले आपने क्या किया? आप ये भी बताइए कि बिहार महाराष्ट्र के मुकाबले, हरियाणा के मुकाबले और गुजरात के मुकाबले कहां खड़ा है, यह भी बताइए।

5. देश के 40 प्रतिशत जिलों में कोई एक IAS या IPS बिहार का लड़का है. देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में सबसे ज्यादा अगर एक राज्य के लड़के पढ़ रहे हैं, तो वह बिहार के हैं। हम लोगों को यहां काम करने की सुविधा नहीं मिलती। बिहार के लोग दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हैं। ऐसा क्यों नहीं होता कि दूसरे राज्यों के लोग यहां आकर काम करें। यह तभी संभव होगा जब मजबूत नेतृत्व मिलेगा। किसी का पिछलग्गू बनकर बिहार की तकदीर नहीं बदली जा सकती।