अब मिलेंगे अधिक तत्काल टिकट, रेल्वें ने किया अवैध सॉफ्टवेयरों का सफाया

आज के दौर में रेलवे का तत्‍काल टिकट लेना किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकतर लोग तत्‍काल टिकट लेने के लिए घंटों इंतजार करते हैं लेकिन बुकिंग के वक्‍त उन्‍हें निराशा हाथ लगती है। हालांकि, अब भारतीय रेलवे ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिससे तत्‍काल टिकट बुक कराना आसान होगा।

60 एजेंटों को गिरफ्तार किया गया

पिछले 2 महीनों में आरपीएफ ने लगभग 60 अवैध एजेंटों को पकड़ा है, जो अवैध सॉफ्टवेयरों के जरिए टिकट बुक कर रहे थे। ऐसे में अन्य लोगों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना असंभव हो गया था। आज अवैध सॉफ्टवेयरों के जरिए एक भी टिकट नहीं बुक किया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों के लिए अब तत्काल टिकट घंटों तक उपलब्ध होंगे, जबकि पहले बुकिंग खुलने के बाद एक या दो मिनट पहले तक ही उपलब्ध होते थे।

सभी सॉफ्टवेयर ब्लॉक किए गए

रेलवे अधिकारी ने दावा किया कि इन गिरफ्तारियों के साथ ही अधिकतर अवैध सॉफ्टवेयरों को ब्लॉक कर दिया गया है. ये सालाना 50 करोड़ -100 करोड़ रुपये का कारोबार करते थे. एएनएमएस, मैक और जगुआर जैसे अवैध सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी के लॉगिन कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक ओटीपी की बाइपास करते हैं। वास्तविक ग्राहकों को इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरना पडता है। एक सामान्य ग्राहक के लिए बुकिंग प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 2.55 मिनट लगते हैं, लेकिन ऐसे सॉफ्टवेयरों का उपयोग करने वाले इसे लगभग 1.48 मिनट में पूरी कर लेते। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों के लिए अब तत्काल टिकट घंटों तक उपलब्ध होंगे, जबकि पहले बुकिंग खुलने के बाद एक या दो मिनट पहले तक ही उपलब्ध होते थे।