4 प्वाइंट में समझें डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के मायने

भारत में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का दो दिवसीय दौरा समाप्‍त हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा से भारत को क्या मिला ? इस कयास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही विराम लग गया। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, पीपुल टू पीपुल टॉक, आतंकवाद से लेकर कारोबार के कई मुद्दों पर रजामंदी जाहिर की। हालांकि, सिर्फ तीन समझौतों पर दस्तखत हुए हैं। ट्रम्प भारत की मेहमानवाजी से बेहद प्रभावित हुए। विदेश मामलों के जानकार ट्रम्प की भारत यात्रा को कई मायनों में काफी कामयाब मान रहे हैं।

दोनों देश अब लिमिटेड ट्रेड डील की बजाय कॉम्प्रेहेंसिव डील करना चाह रहे

मोदी और ट्रम्प, दोनों ने कहा कि ट्रेड डील पर दोनों देश गंभीर हैं। दोनों देश अब लिमिटेड ट्रेड डील की बजाय कॉम्प्रेहेंसिव डील करना चाह रहे हैं। इस ट्रेड डील से अमेरिका को जो घाटा होगा, वो उसकी एनर्जी डील के जरिए भरपाई करेगा। भारत खाड़ी की स्थिति को देखते हुए अमेरिका से ज्यादा तेल और गैस की खरीददारी करना चाह रहा है। इससे दोनों देशों के ट्रेड में बैलेंस बनेगा। इसी दिशा में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और एक्सान मोबिल इंडिया एलएनजी लिमटेड के बीच करार हुआ है।

काउंटर टेरेरिज्म पर ट्रम्प को भारत ने काफी बेहतर तरीके से मैनेज किया है

ट्रम्प ने खुलकर कहा कि अमेरिका पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है, ताकि वो उसकी जमीन पर जो आतंकवाद पल रहा है, उसे खत्म करने को लेकर काम करे। ट्रम्प ने बार बार इस्लामिक कट्टरपंथ का जिक्र किया। इससे भी पाकिस्तान को साफ संदेश दिलाने में भारत काफी हद तक कामयाब रहा। भारत ने ट्रम्प को बहुत अच्छे तरीके से मैनेज किया है। क्योंकि, ट्रम्प की डिप्लोमेसी बिल्कुल अलग है, वह बार-बार अपने बयान बदलते रहते हैं। उनके कार्यकाल में अमेरिका की उसके करीबी देशों के साथ भी रिश्तों में खटास आई है। लेकिन, भारत के मामले में वह काफी हद तक संतुलित रहे हैं। अमेरिका के रिश्ते नजदीकी देशों की तुलना में भारत से ज्यादा अच्छे हैं।

अमेरिका हिंद-प्रशांत महासागर में क्वाड कंट्री को चीन के खिलाफ पिलर बनाना चाह रहा है

मोदी और ट्रम्प ने स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप बढ़ाने की बात कही। ट्रम्प ने क्वाड की बात कही। क्वाड- अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया का एक समूह है। क्वाड का अभी तक पब्लिक प्लेटफॉर्म पर कभी जिक्र नहीं हुआ था। ट्रम्प ने इसे लेकर पहली बार खुलकर बात की है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन का बढ़ता दखल इसकी एक वजह है।

अमेरिका भारत को मिसाइल डिफेंस शील्ड भी दे सकता है

दोनों देशों के बीच 3 अरब डॉलर की डिफेंस डील हुई। इसके तहत भारत अमेरिका से डिफेंस टेक्नोलॉजी खरीदेगा। इसमें 24 सी-हॉक हेलीकॉप्टर, 6 एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर, ड्रोन, स्पेस सैटेलाइट जैसे साजो-सामान शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका भारत को मिसाइल डिफेंस शील्ड भी दे सकता है। इस डील से भारत सैन्य रूप से बहुत ताकतवर हो जाएगा। भारत की डिफेंस क्षमता काफी बढ़ जाएगी।