अब नहीं रहें CUT-COPY-PASTE के जनक, XEROX ने दी ट्वीट से श्रद्धांजलि

अगर आप कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं तो CUT…COPY…PASTE कमांड की अहमियत समझते होंगे। ये तीन कमांड ऐसी हैं जिनके बिना काम करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इन तीनों कमांड को ईजाद करने वाले कंप्यूटर साइंटिस्ट लैरी टेस्लर का निधन हो गया है। टेस्लर 74 साल के थे। कंप्यूटर में यूज़र इंटरफ़ेस के विकास के शुरुआती चरण में जिन लोगों ने अभूतपूर्व योगदान दिया, उनमें से लैरी टेस्लर एक थे।

ज़ेरॉक्स ने ट्वीट से दी श्रद्धांजलि

टेस्लर ने अपने करियर का बड़ा वक़्त अमरीकी कंपनी ज़ेरॉक्स में गुज़ारा था। ज़ेरॉक्स ने उन्हें ट्वीट करके श्रद्धांजलि दी है। ट्वीट में लिखा है, “cut, copy, paste, find, replace (ctrl+x, ctrl+c, ctrl+v) कमांड बनाने वाले ज़ेरॉक्स के पूर्व रिसर्चर लैरी टेस्लर को श्रद्धांजलि। जिस शख़्स ने आपके रोज़मर्रा के काम को आसान कर दिया, उस शख़्स को धन्यवाद।

लैरी टेस्लर

CUT-COPY-PASTE Bने दिलाई पहचान

यूं तो टेस्लर ने कंप्यूटर के क्षेत्र में बहुत कुछ काम किया है लेकिन उनका सबसे महत्वूर्ण काम जिसने उन्हें पहचान दिलाई वो था-CUT-COPY-PASTE। साल 1983 में एप्पल के सॉफ्टवेयर में लिसा कंप्यूटर पर इस कमांड को शामिल किया गया था। मूल मैकिन्तोश में भी इसे उसी साल जारी किया गया था। सिलिकॉन वैली के कंप्यूटर हिस्ट्री म्यूज़ियम का कहना है कि टैस्लर ने कंप्यूटर साइंस ट्रेनिंग को सभी के लिए आसान बनाया।

कुछ यूँ था लैरी टेस्लर का जीवन

लैरी टेस्लर का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रॉन्क्स में साल 1945 में हुआ था। उनकी पढ़ाई कैलिफ़ोर्निया के स्टैन्फ़र्ड यूनिवर्सिटी में हुई। ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने यूज़र इंटरफ़ेज़ डिज़ाइन में विशेषज्ञता हासिल की। इसका पूरा मक़सद यही था कि कंप्यूटर को किस तरह लोगों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाया जा सके। अपने करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक और बड़े-बड़े तकनीकी संस्थानों में काम किया। उन्होंने शुरुआत ज़ेरॉक्स पैलो ऑल्टो रिसर्च सेंटर से की। इसके बाद स्टीव जॉब्स ने उन्हें एप्पल में आने के लिए कहा, जहां उन्होंने 17 साल काम किया। एप्पल छोड़ने के बाद उन्होंने एक एजुकेशन स्टार्ट अप की स्थापना की। इसके अलावा वो थोड़े-थोड़े वक़्त के लिए अमेज़न और याहू में भी रहे।