पर्सनल लोन: मत आइये मीठी, चिकनी चुपड़ी बातों में

अचानक कई बार आर्थिक समस्या आने पर आपको ज़ेवर, प्रोपर्टी, वाहन रहन रखकर रुपयों की व्यवस्था करने पर मजबूर होना पड़ता है। आज सैकड़ों कम्पनियाँ हैं जो आपको लोन देने के लिये तैयार बैठी हैं। चूंकि व्यक्ति संकट में रहता है किसी भी तरह रुपया हासिल करना चाहता है, इन परिस्थितियों का ये कम्पनियाँ जम कर लाभ उठाती हैं और ग्राहकों के सामने आकर्षक योजनायें प्रस्तुत करती हैं वे योजनाऐं और कुछ नहीं ग्राहक के सामने चारा डाल कर उन्हें अपने क़ब्ज़े में लेना होता है, इसलिए बहुत सोच समझ कर कोई भी लोन स्वीकार कीजिये और निम्न सावधानियाँ रखिये…

1.अधिकाँश कम्पनियाँ फ्ऱेंचाइज़ के माध्यम से लोन वितरित करती हैं। जो व्यक्ति समस्त औपचारिकता की पूर्ति करता है उसकी जि़म्मेदारी मात्र लोन स्वीकृत कराने तक की है। वह आपको मीठी मीठी भाषा में बात करेगा, बहुत सी सुविधाएँ देने के वादे करेगा परन्तु आप उसकी बातों में नहीं आइये। क्यूंकि बाद में यही आपका फोन तक नहीं उठाएंगे। हर शर्त को लिखित में स्वीकार कीजिये।

2.ब्याज दर में मोलभाव की गुंजाईश रहती है ।

3.प्रोसेसिंग फ़ीस, किसी भी तरह का बीमा होगा या नहीं होगा या कितना होगा, इन विषयों पर खुल कर मोलभाव कीजिये।

4.लोन की राशि सीधी आपके खाते में डाली जाती है, उसमें अधिकांशतया आपसे तय हुई शर्तों से अधिक राशि काट ली जाती है। आप चूंकि उस समय रुपयों की आवश्यकता के संकट से जूझ रहे होते हैं अत: ख़ून का घूँट पीकर कम राशि स्वीकार कर लेते हैं। प्रयास यही करिये और जि़द कीजिये कि स्वीकृत राशि शत-प्रतिशत आपके खाते में आये और प्रोसेसिंग फ़ीस या अन्य शुल्क का आप अपने खाते से चेक द्वारा भुगतान करें।

5.सबसे कष्टदायक स्थिति तब होती है जब आपके पास रुपयों की सुविधा हो या अन्य कारण से समय से पूर्व खाता बन्द करवाना चाहें तो फॉरक्लोजऱ चार्जेज़ के रूप में मोटी रकम ऐंठ ली जाती है। यह राशि भी लोन स्वीकृत होने के पूर्व निर्धारित कर लीजिए।

6.सभी शर्तें ध्यानपूर्वक पढ़ कर ही हस्ताक्षर कीजिये। ध्यान रखिये ये कम्पनियाँ ग्राहक के संकट में सहायता करने के लिये नहीं बल्कि उनकी समस्या या मजबूरी का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिये लोन दे रही हैं अत: पूरे सतर्क रहते हुए व्यवहार कीजिये।