FIR दर्ज करने में आनाकानी बर्दाश्त नहीं, अशोक गहलोत ने पुलिस प्रशासन को चेताया

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पुलिस के रेस्पांस सिस्टम को मजबूत बनाने की बात कही। साथ ही पुलिस अधिकारियो से पूछा की हम थानो में फ्री रजिस्ट्रेशन की बात करतें है तो पीड़ित थाने में जाते है तब मामला दर्ज क्यों नहीं किया जाता। 

एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने एफआईआर के लिए ’फ्री रजिस्ट्रेशन’ की नीति पर पुनः जोर देते हुए कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पुलिस थानों में आने वाले फरियादियों को एफआईआर दर्ज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऎसा प्रकरण सामने आने पर अधिकारी संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

भरतपुर और अलवर में पायलट प्रोजेक्ट शुरु

गहलोत ने कहा है कि अपराधों पर प्रभावी शिकंजा कसने और लोगों को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बिना देरी के घटनास्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करे। घटनास्थल पर पुलिस की त्वरित पहुंच के लिए पूरे प्रदेश में इमरजेंसी रेस्पोंस सिस्टम लागू करने का प्रयास किया जाए। फिलहाल अलवर एवं भरतपुर जिलों में यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसमें पुलिस 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचेगी।

माफिया के खिलाफ पुलिस को सशक्त बनाएगे

सीएम ने प्रदेश में पुलिस द्वारा माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए और कहा कि माफियाओं के खिलाफ पुलिस सख्ती एवं सतर्कता के साथ कार्रवाई को अंजाम दे, ताकि आमजन को बेहतर सुरक्षा मिल सके। इसके लिए सरकार संसाधनों में किसी तरह की कमी नहीं रखेगी। पुलिस महकमे को वाहनों की खरीद के लिए 70 करोड़ रूपये का बजट उपलब्ध कराया गया है।

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