Yes Bank संकट से उपजा बडा सवाल, क्या बैंकों में हमारी बचत सुरक्षित है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने निजी क्षेत्र के Yes Bank की कई सेवाओं पर 5 मार्च को रोक लगा दी है। केन्द्रीय बैंक ने यस बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये की निकासी की सीमा तय की है। येस बैंक के निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रशांत कुमार को येस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने उठाया सवाल

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा है कि क्या बैंकों में हमारी बचत सुरक्षित है? ओवैसी ने ट्वीट करते हुए कहा है, ‘पहले गिरती इकॉनमी का शिकार गैर बैंकिंग कंपनियां जैसे ILFS &  Dewan हुईं, उसके बाद फिर अमीर राज्य महाराष्ट्र में एक बड़ा सहकारी बैंक पीएमसी बैंक विफल हुआ। इसके बाद अब पहला शैड्यूल कमर्शियल बैंक YES बैंक फेल हो गया। क्या बैंकों में हमारी बचत सुरक्षित है।

50,000 रुपये की निकासी की सीमा तय हुई

यस बैंक पर 30 दिन की अस्थायी रोक लगाते हुए इस दौरान खाताधारकों के लिए निकासी की सीमा 50 हजार रुपये तय कर दी है। इस पूरी अवधि में खाताधारक 50 हजार रुपये से अधिक नहीं निकाल सकेंगे। यदि किसी खाताधारक के इस बैंक में एक से अधिक खाते हैं तब भी वह कुल मिलाकर 50 हजार रुपये ही निकाल सकेगा। RBI की अधिसूचना के मुताबिक, यह 5 मार्च की शाम छह बजे से 03 अप्रैल तक जारी रहेगी।

यस बैंक की क्‍यों हुई ये हालत

बीते कुछ सालों में यस बैंक को एक के बाद एक झटके लगे हैं। इसमें सबसे बड़ा झटका रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई की ओर से दिया गया। साल 2018 में आरबीआई को लगा कि यस बैंक अपने डूबे हुए कर्ज (एनपीए) और बैलेंसशीट में कुछ गड़बड़ी कर रहा है। इसके बाद आरबीआई ने यस बैंक के चेयरमैन राणा कपूर को पद से जबरन हटा दिया। बैंक के इतिहास में पहली बार था जब किसी चेयरमैन को इस तरह से पद से हटाया गया।