आपरेशन शाहीनबाग क्लीनः मीडिया से बचकर दिल्ली पुलिस ने रात 2 बजे आपरेशन को कैसे दिया अंजाम

दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 101 दिन से चल रहे सीएए और एनआरसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन को हटा दिया गया है। मंगलवार को शाहीन बाग में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों के टेंट उखाड़े गए। इसके साथ ही नोएडा-कालिंदी कुंज सड़क को भी खाली करा लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने कोरोना वायरस और धारा-144 की दलील देते हुए एक घंटे में यह कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 6 महिलाओं और 3 पुरुषों को हिरासत में ले लिया। अभी भी मौके पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शनस्थल को खाली कराना चाहते थे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हम खुद पीछे हट गए थे, लेकिन पुलिस ने धरना स्थल में बने भारत माता के नक्शे और इंडिया गेट को क्यों हटाया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की है। हालांकि, माहौल अभी तनावपूर्ण नहीं है।

आपरेशन शाहीनबाग क्लीन

दक्षिण दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर से चल रहा धरना-प्रदर्शन खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अचानक ही कदम नहीं उठाया, बल्कि पूरी योजना के साथ सोमवार रात को ‘ऑपरेशन शाहीनबाग क्लीन’ चलाया गया। पहले से तैयार योजना के मुताबिक, दिल्ली पुलिस पूरे दल बल के साथ रात 2 बजे ही शाहीन बाग पहुंच गई थी और प्रदर्शनकारियों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया। सुबह जब शाहीन बाग पूरी तरह खाली हो गया, तो आसपास के लोगों को इसका पता चला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुल मिलाकर शाहीन बाग में धरना खत्म करने का ऑपरेशन पूरे पांच घंटे तक चला और जब सुबह 7 बजे सूचना पर मीडिया कर्मी पहुंचे तो धरनास्थल पर हालात सामान्य थे और वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

धारा-144 लागू होने के बाद पुलिस ने अपनाया सख्त रुख

पुलिस सूत्रों की मानें तो एक ओर 100 दिनों से शाहीन बाग में सड़क पर ही लगातार प्रदर्शन के चलते लोगों को असुविधा हो रही थी, तो लॉक डाउन और धारा-144 लागू होने के बाद दिल्ली पुलिस भी कटघरे में आ गई। यह भी बड़ा सवाल था कि आखिर अब किस नियम के तहत शाहीन बाग में धरना प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति दी जाए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने सोमवार रात में ही पूरी योजना बना ली कि कैसे शाहीन बाग में धरना-प्रदर्नश खत्म करवाया जाए?

मीडिया से बचाकर किया गया ऑपरेशन

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिन में शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों पर इसलिए कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि इससे हंगामा होने का खतरा रहता। यही वजह थी पूरे ऑपरेशन का मीडिया से बचाया गया। इतना ही नहीं, दिल्ली में शाहीन बाग के अलावा, हौजरानी, जाफराबाद समेत 7 स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हटाया है, लेकिन गुपचुप तरीके से। 

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