मानवयुक्त मिशन गगनयान के लिए भारतीय पायलटों की रुस में ट्रेनिंग शुरू

देश के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए वायुसेना के चार पायलटों का रूस में ट्रेनिंग शुरू हो गई। वायुसेना के पायलटों को ट्रेनिंग के लिए रूस के यूरी गागरिन स्टेट साइंटिफिक रिसर्च एंड टेस्टिंग कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर भेजा गया है। सोमवार से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण एक साल तक चलेगा। इसरो के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा- चारों पायलट बायोमेडिकल, फिजिकल प्रैक्टिसेस, सोयूज मैन्ड स्पेसशिप (मॉड्यूल) की जानकारी हासिल करेंगे।

जीरो ग्रेविटी और लैंडिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा

इसरो और रूसी कंपनी ग्लावकॉस्मोस के बीच इसके लिए 27 जून 2019 को समझौता हुआ था। 12 महीने के इस प्रशिक्षण कार्यकम में इन पायलटों को फिजिकल प्रैक्टिस के साथ बायोमेडिकल ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। ग्‍लावकॉसमॉस ने बताया कि इन लोगों को रूसी स्‍पेसशिप सोयुज के सिस्‍टम को भी बारीकी से समझने का मौका दिया जाएगा। इसके अलाव इन्‍हें Il-76MDK एयरक्राफ्ट में भारहीनता (जीरो ग्रेविटी) का अभ्‍यास भी करना होगा। भारत के पायलटों को असमान जलवायु और भौगोलिक परिस्थिति में लैंडिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

मिशन गगनयान: भारत का पहला मानवयुक्‍त मिशन

भारत ने अपने पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन को मिशन गगनयान नाम दिया है। इस अभियान का मकसद भारतीयों (गगनयात्रियों) को अंतरिक्ष यात्रा पर भेजकर उन्हें सुरक्षित वापस लाना है। इसरो का महत्‍वकांक्षी अभियान 2022 के लिए प्रस्‍तावित है। गगनयान को जीएसएलवी मैक-3 रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। गगनयान के लिए इंडियन एयर फोर्स के 12 पायलटों को चुना गया था। बताया जाता है कि इन्‍हें करीब 60 उम्‍मीदवारों के बीच से चुना गया था।

गगनयान के मानव मिशन में 3 क्रू मेंबर होंगे

इसरो 2022 में गगनयान का मानव मिशन लॉन्च करेगा, जिसमें 3 क्रू मेंबर रहेंगे। किसी महिला को अंतरिक्ष में नहीं भेजा जा रहा है, इसलिए मानव मिशन से पहले इसरो महिला की शक्ल वाले ह्यूमनॉइड व्योममित्रा को अंतरिक्ष में भेजेगा। इसरो ने 23 जनवरी को गगनयान में भेजी जाने वाली ह्यूमनॉइड ‘व्योममित्रा’ का वीडियो जारी किया था। इसरो ने कहा- यह ह्यूमनॉइड मानव की तरह व्यवहार करने की कोशिश करेगी और हमें वापस रिपोर्ट करेगी। हम ऐसा प्रयोग के तौर पर कर रहे हैं। गगनयान के अंतिम मिशन से पहले दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 में अंतरिक्ष में मानव जैसे रोबोट भेजे जाएंगे।

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