29 फरवरी तक फ्री में मिलेगा FASTags, पूरी करनी होगी यह शर्त 

इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 15 फरवरी से FASTag (फास्टैग) को मुफ्त में देने का फैसला किया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)  ने FASTag की लागत 100 रुपये को 15 दिनों के लिए माफ कर दिया है। NHAI ने कहा कि नया नियम 15 फरवरी से 29 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। वाहन मालिक किसी भी अधिकृत प्वाइंट-ऑफ-सेल स्थानों पर वाहन के वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) के साथ जा सकते हैं जिससे FASTag मुफ्त में उपलब्ध हो सके।

फास्टैग की कीमत

बहुत आम सवाल है कि फास्टैग को खरीदने के लिए कितने रुपये खर्च करने पड़ने पड़ते हैं। अधिकृत बैंक फास्टैग जारी करने के लिए अधिकतम 100 रुपये चार्ज कर सकते हैं। इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने तय किया है। हालांकि अब सरकार के फैसले के बाद इस चार्ज को माफ कर दिया गया है। बैंक, फास्टैग के क्रेता से पहली बार खरीदे जाते वक्त सुरक्षा निधि व अन्य शुल्क लेने के साथ कुछ बैलेंस अमाउंट खाते में बनाए रखने योग्य राशि लेते हैं। यह अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग है।

फास्टैग को ऐसे रिचार्ज करें

यदि आपका फास्टैग आपके बैंक खाते से लिंक है तो आपको प्रीपेड वॉलेट में अलग से रुपये या बैलेंस रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि आपको लिंक कराए गए अपने बैंक खाते में बैलेंस या पर्याप्य राशि बनाए रखनी होगी। यदि आपने फास्टैग को प्रीपेड वॉलेट से लिंक कराया है तो क्रेडिटकार्ड/डेबिटकार्ड/एनईएफटी/आरटीजीएस/नेट-बैंकिंग जैसे ऑनलाइन माध्यम से रिचार्ज करना होगा। केवाईसी करा चुके वाहन चालक या फास्टैग के क्रेता इसमें एक लाख रुपये तक का रिचार्ज करा सकते हैं। वहीं लिमिटेड केवाईसी वाले क्रेता अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में बीस हजार रुपये से ज्यादा की राशि नहीं रख सकते हैं।

फास्टैग की अनिवार्य

एनएचएआई ने 15 दिसंबर, 2019 से देश के सभी 527 टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली को अनिवार्य कर दिया था। सरकार ने कम-से-कम 75 फीसदी टोल लेन में फास्टैग के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, 25 फीसदी टोल लेन में अब भी बिना फास्टैग के टोल भुगतान करने की छूट है।

Leave a Reply