लाकडाउन के चलते मोदी सरकार ने किए 5 बड़े ऐलानः किसी भी ATM से निकाले पैसा, नहीं लगेगा कोई चार्ज

फाइनेंशियल ईयर का आखिरी महीना चल रहा है और इस महीने में कोरोना वायरस के कहर से पूरा देश परेशान है। इस बीच, सरकार से आम जनता के लिए राहत की खबर मिली है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने आम आदमी और कंपनियों को राहत देते हुए आज कई अहम फैसले किए हैं।

आम आदमी को राहत
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अगले तीन महीने के लिए ATM से पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसका मतलब है कि आप किसी भी बैंक से जितनी बार चाहे उतनी बार, जितना चाहे उतनी रकम निकाल सकते हैं। साथ ही आपको बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की भी जरूरत नहीं है। निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि अगले तीन महीने तक बैंक मिनिमम बैलेंस ना रखने पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाएंगे। डिजिटल ट्रेड और ट्रांजैक्शन पर लगने वाले बैंक चार्ज को भी कम किया गया है।

इनकम टैक्स रिटर्न की डेडलाइन बढ़ी

फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 30 जून होगी। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 मार्च थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2020 तक कर दिया है। देर से रिटर्न फाइल करने पर लगने वाला ब्याज भी घटा दिया गया है। पहले इस पर 12 फीसदी ब्याज देना पड़ता था जिसे घटाकर अब 9 फीसदी कर दिया गया है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि विवाद से विश्वास स्कीम की डेडलाइन बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है। आधार से पैन कार्ड लिंक करने की आखिरी तारीख भी बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है। इससे पहले यह 31 मार्च 2020 था।

GST में राहत

बड़ी कंपनियां अगर डेडलाइन के बाद GST रिटर्न फाइल करती हैं तो उन्हें सिर्फ इंटरेस्ट देना होगा। उनपर कोई लेट फीस या पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी। फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि जिन कंपनियों का टर्नओवर 5 करोड़ रुपए से कम होगा उन्हें देर से GST रिटर्न फाइल करने पर कोई पेनाल्टी या लेट फीस नहीं देना होगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि मार्च, अप्रैल और मई 2020 के लिए GST रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख भी बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है। इन तीनों महीनों के लिए तारीख अलग-अलग हो सकती है लेकिन इन सबकी डेडलाइन जून के अंत तक खत्म हो जाएगी। फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि अभी फाइनेंशियल इमरजेंसी (Financial emergency) लगाने का प्लान नहीं है, जैसा कुछ रिपोर्ट दावा कर रहे हैं।

कंपनियों को राहत

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोई इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अगर फिस्कल ईयर 2020 में कोई बैठक नहीं करता है तो उसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। किसी कंपनी का डायरेक्टर अगर मिनिमम रेजिडेंसी की शर्त को नहीं मानता है तो उसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। किसी डायरेक्टर के लिए देश में कम से कम 182 दिन रहना पड़ता था लेकिन अब वो ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि कंपनियों की बोर्ड मीटिंग को अगली दो तिमाहियों तक 60 दिनों की मोहलत दी गई है।

कस्टम्स से जुड़े ऐलान

कस्टम्स क्लीयरेंस से जुड़े मामलों का निपटान 30 जून 2020 तक 24X7 किया जाएगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि सबका विश्वास स्कीम की डेडलाइन भी बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दी गई है। इसके तहत इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाता है।

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