Happy Valentine’s Day 2020: जानिए विद्वानों की नजर में प्रेम की परिभाषा

14 फरवरी को देश और दुनिया के कई हिस्सों में वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। इसे प्यार का दिन कहा जाता है। वैलेंटाइन डे पर लोग अपने पार्टनर को स्पेशल फील कराने के लिए उन्हें गिफ्ट्स देते हैं और उन्हें सरप्राइज भी देते हैं। कहा जाता है कि प्यार का इजहार और अपने पार्टनर को यह फील कराना कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं, उसके लिए वैलेंटाइन डे सबसे बेस्ट होता है। 7 फरवरी को Rose Day के साथ शुरू होने वाला वैलेंटाइन वीक 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के साथ खत्म होता है। यही वो दिन है जिसका इंतजार प्रेमी जोड़े साल भर करते हैं। इस वैलेंटाइन्स डे अपने पार्टनर को इस अंदाज में कहें- Happy Valentine’s Day….

क्यों और कब से मनाया जा रहा है वैलेंटाइन डे?

ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ नाम की पुस्तक के मुताबिक रोम के एक पादरी थे संत वैलेंटाइन। वो दुनिया में प्यार को बढ़ावा देने में मान्यता रखते थे। उनके लिए प्रेम में ही जीवन था. लेकिन इसी शहर के एक राजा क्लॉडियस को उनकी ये बात पसंद नहीं थीं। राजा को लगता था कि प्रेम और विवाह से पुरुषों की बुद्धि और शक्ति दोनों ही खत्म होती हैं। इसी वजह से उसके राज्य में सैनिक और अधिकारी शादी नहीं कर सकते थे। हालांकि, संत वैलेंटाइन ने राजा क्लॉडियस के इस आदेश का विरोध किया और रोम के लोगों को प्यार और विवाह के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने कई अधिकारियों और सैनिकों की शादियां भी कराई। इस बात से राजा भड़का और उसने संत वैलेंटाइन को 14 फरवरी 1269 ईस्वी में फांसी पर चढ़वा दिया। उस दिन से हर साल इसी दिन को ‘प्यार के दिन’ के तौर पर मनाया जाता है। सैंट ने राजा जेकोबस को एक पत्र भी लिखा, जिसके आखिर में उन्होंने लिखा था ‘तुम्हारा वैलेंटाइन’।

विद्वानों की नजर में प्रेम की परिभाषा

प्रेम मानवता का दूसरा नाम है – गौतम बुद्ध

प्रेम करना ही जीवन की खुशी है – जॉर्ज सेंड

प्रेम जीवन में ताजगी लाता है – हेलन केलर

प्रेम कभी दावा नहीं करता, वह तो हमेशा देता है – महात्मा गांधी

सभी प्रेम परिवर्तित होते हैं और उनमें बदलाव आता है – जूली एन्ट्रुज

प्रेम एक पिंजरा है, जहां सिर्फ प्रकाश ही प्रकाश दिखाई देता है, परछाई नहीं – पाउलो कोएलो

प्रेम एक दान है, भिक्षा नहीं। प्रेम मांग नहीं, भेंट है, उसे जो बांटता है उसे प्रेम मिलता है – ओशो

कबीरा यह घर प्रेम का, खाला का घर नाहीं, सीस उतारे हाथ धर, सो पसे घर माहीं – कबीर

सच्चा प्रेम जगह और समय देखकर नहीं होता, यह तो आकस्मिक रूप से स्पंदनशील पल में होता है – सराह डेसेन

बल और शक्ति की आज्ञा टालना आसान है, मगर प्यार की आज्ञा टालना आसान नहीं – सुदर्शन

जहां प्रेम का फल दु:ख होता हुआ दिखाई दे वहां समझो कि आसक्ति है -हरिभाऊ उपाध्याय

मानव अस्तित्व की समस्या का संतोषजनक और समझदारीभरा जवाब सिर्फ प्रेम है – एरिक फ्रॉम

प्रेम हाथ में रखे पारे की तरह होता है, मुट्ठी खोलने पर रहता है और भींचने पर निकल जाता है – डोरोथी पार्कर

पुरुष का प्यार उसके जीवन की एक भिन्न वस्तु है, परंतु नारी के लिए प्यार उसका सारा जीवन है- बायरन

कोई भीतरी कारण ही पदार्थों को परस्पर मिलाता है, बाहरी गुणों पर प्रीति आश्रित नहीं होती – भवभूति

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