जवाहर नगर के एमपीएस स्कूल में हुआ मंत्र सिद्धि साधना का सत्र

जयपुर। विश्व जागृति मिशन के संस्थापक और देश के जाने माने अध्यात्मवेत्ता आचार्य सुधांशु  महाराज के सानिध्य में धर्म और अध्यात्म की नगरी और छोटी काशी के रूप में प्रसिद्ध गुलाबी शहर जयपुर के जवाहर नगर स्थित  माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में गुरु मंत्र सिद्धि साधना कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सुधांशु जी महाराज ने साधकों को मंत्र जाप की विधि और इसे सिद्ध करने के तरीके बड़ी बारीकी और विस्तार से समझाएं। उन्होंने बताया कि जब साधक अपनी मंत्र शक्ति पर काम करता है तो सारी देव शक्तियां उस पर एकत्र हो जाती हैं, उसमें दिव्य शक्तियां प्रकट होने लगती है। विशेषकर जब साधक अपने गुरु के दिए हुए मंत्र का विधिपूर्वक जाप करता है तो उसे अद्भुत लाभ होता है।

आध्यात्मिक संत सुधांशु जी महाराज ने कहा कि भगवान और देवता मंत्र के अधीन होते हैं। मंत्र तीन प्रकार के होते हैं, वैदिक मंत्र, साबर मंत्र और तांत्रिक मंत्र। इनमें वैदिक मंत्र सबसे शक्तिशाली होते हैं क्योंकि यह भगवान द्वारा ऋषियों के मन में दिए गए मंत्र हैं। उन्होंने गुरु मंत्र को भी इसी श्रेणी का मंत्र बताते हुए इसे मनुष्य जीवन में सबसे कल्याण वाली चीज बताया। आचार्यवर ने कहा कि सिद्ध किया हुआ मंत्र जीवन में चमत्कार लाता है, जब लोग अपने गुरु और नियमों के प्रति वफादार होकर चलते हैं तो मंत्र जागृत होता है। मंत्र जागृत होने के बाद इसे सिद्ध किया जाता है, जब मंत्र सिद्ध हो जाता है तो व्यक्ति के चारों तरफ एक विशेष प्रकार का ओरा या सुरक्षा कवच बन जाता है, जो सभी प्रकार के दुष्प्रभावों से साधक की रक्षा करता है। उन्होंने सती अनुसुइया और सावित्री के उदाहरण देते हुए कहा की मंत्र की शक्ति से ही सावित्री ने यमराज को वापस मोड़ दिया था। सती अनुसुइया के पास भी मंत्रों के बल पर नियंत्रण की शक्ति थी। इससे पहले भक्ति और आनंद से सरोबार उत्सवी माहौल में आचार्य के सानिध्य में जयपुर मंडल के प्रमुख्  मदनलाल अग्रवाल, उप प्रधान श्री नारायण दास गंगवानी, मनोज शास्त्री, रमेश चंद्र सेन और  द्वारका प्रसाद मुटरेजा एवं अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।