शेयर बाजार में एक साल की सबसे बड़ी गिरावट, निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये साफ

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों और एशियाई बाजारों से मिले खराब संकेतों के चलते सप्ताह के पहले दिन घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है. बाजार में चौतरफा बिकवाली की वजह से दोपहर को शेयर बाजार में गिरावट और गहरा गई है. सेंसेक्स (Sensex) 2467 अंक यानी 6.56 फीसदी टूटकर 35,109.18 के स्तर पर आ गया है. वहीं, निफ्टी (Nifty50) 695 अंक लुढ़ककर 10,294.45 के स्तर पर आ गया. शेयर बाजार में एक साल की यह सबसे बड़ी गिरावट है. बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं. यह रही बाजार में गिरावट की वजह

भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ा

इस बीच भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 40 हो गई है. केरल में 5 ताजा मामले सामने आए हैं. दुनियाभर में मरीजों की संख्या 1 लाख के पार पहुंच गई है. इटली में 1.5 करोड़ लोगों पर ट्रैवल बैन लगा है. दुनिया भर में कोरोना के मरीजों की संख्या 106,893 हो गई है. दुनिया भर में अब तक 3,639 लोगों की मौत हो चुकी है. इटली में स्कूल, जिम, म्यूजियम, नाइटक्लब बंद कर दिए गए हैं. इटली में मरने वालों की संख्या 366 हो गई है.

सऊदी अरब ने घटाई कच्चे तेल की कीमत

इस बीच ओपेक देशों और रूस के बीच प्राइस वार छिड़ने से क्रूड कीमतों में 30 फीसदी की भारी गिरावट आई है. ब्रेंट 30 डॉलर पर पहुंच गया. GOLDMAN SACHS ने ब्रेंट का लक्ष्य घटाकर 20 डॉलर किया है. कोरोना के चलते प्रोक्डशन कट डील पर सहमति नहीं बनने से कीमतें गिरी हैं.

यस बैंक क्राइसिस

यस बैंक में अनियमितताओं की आशंका में एक महीने में 50,000 रुपये निकासी का लिमिट तय की गई है. वहीं, यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में हैं. उनके और उनके परिवार पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है. फिलहाल यस बैंक को बचाने के लिए देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई सामने आया है जो बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकता है.